
रतलाम: जिले के सैलाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक नवजात बालक झाड़ियों के बीच मिला। करीब 14 से 15 दिन के इस बच्चे को लाल कंबल में लपेटकर छोड़ा गया था। मौके पर बच्चे के पास दूध की बोतल और कपड़ों की एक पोटली भी मिली। रोने की आवाज सुनकर राहगीरों को बच्चे के झाड़ियों में होने की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
केदारेश्वर घाट के पास सुनाई दी बच्चे के रोने की आवाज
जानकारी के अनुसार, सरवन क्षेत्र के भूरापानी निवासी भंवर पिता रंगजी पंडोर अपने एक साथी के साथ सैलाना से वापस घर लौट रहे थे। केदारेश्वर घाट के पास दोनों कुछ देर के लिए सड़क किनारे रुके थे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों की तरफ से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनकर दोनों झाड़ियों के पास पहुंचे। वहां उन्होंने लाल कंबल में लिपटे नवजात को देखा। बच्चे के पास दूध की बोतल और एक पोटली रखी हुई थी। इसके बाद भंवर ने जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंदू मईड़ा को घटना की जानकारी दी। चंदू मईड़ा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने नवजात को अस्पताल पहुंचाया
सूचना मिलने के बाद सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश पुलिस टीम के साथ केदारेश्वर घाट पहुंचीं। पुलिस ने नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैलाना ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टर शैलेष डांगे ने बच्चे की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की। जांच के बाद नवजात को बेहतर उपचार और निगरानी के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बाल कल्याण समिति को दी गई सूचना
पुलिस ने मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति को भी दी है। नवजात की देखरेख और आगे की प्रक्रिया को लेकर संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है।
नवजात को छोड़ने वाले की तलाश में जुटी पुलिस
सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश के अनुसार, नवजात की उम्र करीब 14 से 15 दिन आंकी गई है। बच्चे को झाड़ियों में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
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