
रतलाम में करीब पांच साल पुराने दुष्कर्म मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में DNA जांच की रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया।
जंगल में लकड़ी लेने गई थी पीड़िता
अभियोजन के अनुसार घटना 17 मई 2021 को रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। घटना वाले दिन पीड़िता सुबह जंगल में लकड़ी लेने गई थी। इसी दौरान उसका नातेदार आरोपी लखन (19), पिता वेलजी कटारा, निवासी सरवनी खुर्द, वहां पहुंचा।
आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को जबरन पकड़ लिया और उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई, जिससे वह गिर गई और पत्थर लगने से उसके चेहरे पर चोट आई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
घटना के दिन ही दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323 और 506 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
DNA रिपोर्ट रही अहम
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता सहित कुल 6 गवाहों के बयान कराए गए और 14 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। पीड़िता के बयान को अभियोजन का महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया गया। घटना के दिन ही उसके द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात भी सामने आई।
मामले में कराई गई DNA जांच की रिपोर्ट भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण रही। अभियोजन के अनुसार DNA रिपोर्ट से दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
मामले की सुनवाई तृतीय सत्र न्यायाधीश, रतलाम की अदालत में हुई। न्यायालय ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
शासन की ओर से मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने की।
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