
रतलाम जिले में स्वामित्व योजना के तहत होने वाले रजिस्ट्री संबंधी कार्य को लेकर पटवारी संघ और प्रशासन के बीच असहमति सामने आई है। पटवारियों को इस प्रक्रिया में निष्पादक की भूमिका दिए जाने के विरोध में जिला पटवारी संघ ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
पटवारी संघ के अनुसार, स्वामित्व योजना में सहयोग करने को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रजिस्ट्री प्रक्रिया की जिम्मेदारी दिए जाने पर उनकी ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्य का बहिष्कार करने वाले पटवारियों को अलग-अलग तहसीलों में नोटिस जारी किए जाने के बाद संघ ने आपात बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की।
स्वामित्व योजना में भूमिका को लेकर पटवारियों की आपत्ति
जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष गोपाल रावत के अनुसार, पटवारी किसी सरकारी योजना का विरोध नहीं कर रहे हैं। संघ की आपत्ति विशेष रूप से रजिस्ट्री प्रक्रिया में निष्पादक की भूमिका को लेकर है। उनका कहना है कि पटवारी योजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन ऐसी जिम्मेदारी से जुड़े संभावित कानूनी दायित्वों को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
पंचायती राज विभाग की योजना होने का दिया हवाला
पटवारी संघ ने बताया कि शासन के आदेश में स्वामित्व योजना को पंचायती राज विभाग से संबंधित योजना बताया गया है। संघ का कहना है कि इसके बावजूद राजस्व विभाग के पटवारियों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में निष्पादक की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसी बिंदु को लेकर पटवारी संघ ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
मकान और भूखंड के रिकॉर्ड को लेकर उठे सवाल
संघ के अनुसार, स्वामित्व सर्वे के दौरान कुछ स्थानों पर मौके की स्थिति और दस्तावेजों में अंतर देखने को मिल रहा है। कई मामलों में मौके पर पक्का मकान मौजूद होने के बावजूद रजिस्ट्री भूखंड के नाम से होने की बात सामने आई है। पटवारी संघ का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों को लेकर विवाद उत्पन्न होने पर संबंधित कर्मचारियों के सामने कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है।
संघ का कहना है कि रजिस्ट्री से पहले मौके की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध रिकॉर्ड और स्वामित्व संबंधी जानकारी का उचित मिलान होना जरूरी है।
नाम और रकबे में गलतियों का भी दावा
पटवारी संघ ने स्वामित्व योजना के सर्वे रिकॉर्ड में नाम, रकबे और स्वामित्व से जुड़ी कुछ कथित त्रुटियों का मुद्दा भी उठाया है। संघ के मुताबिक, कुछ मामलों में एक ही मकान अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
संघ का दावा है कि कुछ प्रकरणों में इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। पटवारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे रिकॉर्ड को लेकर विवाद होने पर उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
नक्शे उपलब्ध नहीं होने से काम में परेशानी का दावा
पटवारी संघ ने स्वामित्व योजना से जुड़े नक्शों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संघ के अनुसार, कई पटवारियों के पास संबंधित नक्शे हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी के रूप में उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मौके की स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड का मिलान करने में कठिनाई हो सकती है।
संघ का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज, नक्शे और सही रिकॉर्ड उपलब्ध कराए बिना निष्पादक के रूप में रजिस्ट्री संबंधी जिम्मेदारी निभाना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है।
5 अक्टूबर से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन
जिला पटवारी संघ की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रांतीय संगठन के निर्देश के अनुसार रतलाम जिले में स्वामित्व योजना के तहत निष्पादक के रूप में रजिस्ट्री संबंधी कार्य नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, काम नहीं करने के कारण जारी किए गए नोटिस और प्रशासनिक दबाव के विरोध में 5 अक्टूबर, सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की बात कही गई है।
पटवारी संघ की मुख्य आपत्तियां
- रजिस्ट्री प्रक्रिया में निष्पादक की भूमिका दिए जाने पर आपत्ति।
- मौके की स्थिति और रिकॉर्ड में अंतर होने की बात।
- नाम, रकबे और स्वामित्व संबंधी त्रुटियों का दावा।
- स्वामित्व योजना से जुड़े नक्शे उपलब्ध नहीं होने की शिकायत।
- भविष्य में कानूनी विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी को लेकर चिंता।
- नोटिस जारी किए जाने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय।
नोट: इस खबर में पटवारी संघ द्वारा बताए गए आरोपों और आपत्तियों को उनके पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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