
छतरपुर जिले में बारिश और जलभराव के बीच छतरपुर में स्नेक बाइट के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिनों में जिला अस्पताल में सांप के काटने के 14 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। शनिवार सुबह सटई रोड निवासी 25 वर्षीय तुलसी रैकवार को घर के कच्चे बाथरूम में सांप ने पैर में काट लिया। समय पर जिला अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उसकी जान बच गई।
छतरपुर में स्नेक बाइट के मामले बढ़े, 2 दिन में 14 मरीज
बारिश के मौसम में सांपों के रहवासी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ रही हैं। छतरपुर जिला अस्पताल में पिछले दो दिनों के दौरान स्नेक बाइट के 14 मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार सांप के काटने के बाद मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है। इलाज में देरी होने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।
छतरपुर में स्नेक बाइट के मामले: कच्चे बाथरूम में युवक को सांप ने काटा
शनिवार सुबह सटई रोड निवासी 25 वर्षीय तुलसी रैकवार पिता दिनेश रैकवार को घर के कच्चे बाथरूम में सांप ने पैर में काट लिया।
घटना के बाद तुलसी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर चिकित्सा मिलने के कारण उसकी जान बच गई।
तुलसी का कहना है कि शहर में होने के कारण वह तुरंत अस्पताल पहुंच सका। उसने भी सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय अस्पताल पहुंचने की बात कही।
सांप के काटने से बबलू प्रजापति की मौत
रामनगर निवासी 40 वर्षीय बबलू प्रजापति पिता मल्लू प्रजापति को भी सांप के काटने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक बबलू को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
गंभीर हालत में युवक को ग्वालियर किया था रेफर
13 अगस्त को किशनगढ़ थाना क्षेत्र के नैगुवां निवासी 21 वर्षीय मुकेश आदिवासी को सांप के काटने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था।
हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अब उसकी हालत ठीक और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
छतरपुर में स्नेक बाइट से भाई-बहन की भी हुई थी मौत
11 अगस्त को बमीठा थाना क्षेत्र के अवधपुरा गांव में सांप के काटने से भाई-बहन की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार दोनों घर में सो रहे थे, तभी सांप ने उन्हें काट लिया।
मृतकों की पहचान 12 वर्षीय नेहा कुशवाहा और 18 वर्षीय जीतेन्द्र कुशवाहा के रूप में हुई थी। जीतेन्द्र की घर पर मौत हो गई, जबकि नेहा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा
बारिश और जलभराव के दौरान सांप सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों, बाथरूम, खेतों और अन्य स्थानों के आसपास पहुंच सकते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
रात में चलते समय रोशनी का इस्तेमाल करें। घर के आसपास झाड़ियां और कचरा जमा न होने दें। सांप दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
छतरपुर में स्नेक बाइट के इलाज के लिए ASV उपलब्ध
सिविल सर्जन डॉ. सरवानन चौरसिया के अनुसार जिला अस्पताल में स्नेक बाइट के मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था है और पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में हर साल करीब 1500 से 2000 ASV इंजेक्शन का इस्तेमाल होता है। पिछले दो-तीन वर्षों से भी यह आंकड़ा लगभग 1500 से 2000 के बीच बना हुआ है।
छतरपुर में स्नेक बाइट के मामले: डॉक्टर ने दी जरूरी सलाह
छतरपुर में स्नेक बाइट के मामले बढ़ने के बीच डॉक्टरों ने लोगों से सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की है।
सांप के काटने पर प्रभावित व्यक्ति को शांत रखते हुए जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घाव को काटना, जहर चूसने की कोशिश करना या बिना चिकित्सकीय सलाह के उपचार करना नुकसानदायक हो सकता है।
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