
उज्जैन। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रील्स और प्रतिमा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों में 35 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर पहुंच चुके हैं।
मध्यप्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और अन्य राज्यों से भी लोग खड़े हनुमान के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु महाकाल दर्शन के साथ खड़े हनुमान मंदिर भी जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खड़े हनुमान की रील्स
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और रील्स वायरल हो रहे हैं। इन्हीं वीडियो को देखकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
दिल्ली, नागपुर, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई जगहों से आए लोगों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर मंदिर और प्रतिमा से जुड़े वीडियो देखे थे। इसके बाद उन्होंने उज्जैन आकर दर्शन करने का फैसला किया।
मंदिर पहुंचने वाले युवाओं की संख्या भी काफी अधिक बताई जा रही है। कई लोग यहां पहुंचकर सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील्स बना रहे हैं।
प्रतिमा को लेकर प्रशासन और श्रद्धालुओं के अलग-अलग दावे
खड़े हनुमान की प्रतिमा को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा चल रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि प्रतिमा को हटाने के प्रयास किए गए थे।
वहीं, जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर इन दावों को भ्रामक बताया है। प्रशासन के अनुसार, प्रतिमा को विस्थापित या हटाने के लिए अभी तक मशीन या मानवीय तरीके से कोई प्रयास नहीं किया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की भावनाओं, प्रतिमा की सुरक्षा और उज्जैन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्राथमिकता दी जा रही है।
मंदिर के आसपास की गई कार्रवाई के बाद बढ़ी चर्चा
प्रशासन की ओर से मंदिर के आसपास के हिस्से में निर्माण हटाने और अन्य काम किए गए हैं। प्रतिमा फिलहाल टेंट में स्थापित है और मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
IIT इंदौर की टीम ने की जांच
प्रतिमा की स्थिति को लेकर IIT इंदौर की टीम मंदिर पहुंच चुकी है। टीम ने मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया था और अब दोबारा जांच के लिए पहुंची है।
प्रतिमा को सुरक्षित रखने और उसकी स्थिति को समझने के लिए विशेषज्ञों की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साध्वी हर्षानंद गिरि भी पहुंचीं मंदिर
गुरुवार को साध्वी हर्षानंद गिरि, जिन्हें हर्षा रिछारिया के नाम से भी जाना जाता है, खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। उन्होंने पूजा-अर्चना की और प्रतिमा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मंदिर में अपनी बात रखी।
उन्होंने प्रशासन से मंदिर पहुंचकर माफी मांगने, पूजा करने और मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने अनशन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
उन्होंने सरकार को दो दिन का समय दिए जाने की बात कही।
संतों ने भी जताया विरोध
महामुक्तेश्वरी धाम के पीठाधीश्वर पंडित शंकर लक्ष्मीनारायण जोशी ने भी प्रतिमा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने प्रशासन से विकास कार्यों के लिए ऐसा विकल्प तलाशने की अपील की, जिससे धार्मिक संरचना को प्रभावित न करना पड़े।
उनका कहना है कि सड़क और विकास कार्यों के दौरान धार्मिक स्थलों के आसपास वैकल्पिक रास्ते निकाले जा सकते हैं।
उज्जैन के खड़े हनुमान

मुख्य पुजारी ने क्या बताया?
मुख्य पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, शुरुआत में प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने पर सशर्त सहमति दी गई थी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने प्रतिमा के आसपास का मलबा और प्लास्टर हटाया।
संरचना को नुकसान की आशंका के चलते आगे की कार्रवाई रोक दी गई। इसके बाद विशेषज्ञों को बुलाकर प्रतिमा और उसके आसपास के हिस्से की जांच कराई गई।
पुजारी के अनुसार, आधुनिक उपकरणों और स्कैनिंग तकनीक के जरिए स्थिति को समझने की जरूरत बताई गई है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन के दावे पर उठाए सवाल
प्रशासन द्वारा प्रतिमा हटाने के किसी प्रयास से इनकार किए जाने के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने इसका विरोध किया।
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि उनके पास प्रतिमा के आसपास हुई गतिविधियों से संबंधित वीडियो मौजूद हैं। उनका दावा है कि जरूरत पड़ने पर ये वीडियो अधिकारियों को दिखाए जा सकते हैं।
श्रद्धालुओं की मांग है कि हनुमानजी की प्रतिमा को मौजूदा स्थान पर ही सुरक्षित रखा जाए।
मंदिर पहुंचे संत और कांग्रेस नेता
खड़े हनुमान को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच कई संत और कांग्रेस नेता भी मंदिर पहुंचे। कांग्रेस विधायक महेश परमार और विधायक दिनेश जैन बोस समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
उन्होंने प्रतिमा को लेकर चल रही कार्रवाई का विरोध किया।
प्रतिमा की दिशा को लेकर भी श्रद्धालुओं में चर्चा
श्रद्धालुओं के बीच प्रतिमा की दिशा को लेकर भी चर्चा हो रही है। वर्तमान स्थान पर खड़े हनुमानजी की प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा की ओर बताया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रस्तावित नए स्थान पर प्रतिमा स्थापित होने की स्थिति में उसका मुख उत्तर दिशा की ओर होने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि दिशा में बदलाव धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा विषय है।
फिलहाल उज्जैन के खड़े हनुमान को लेकर प्रशासन, विशेषज्ञों और श्रद्धालुओं के बीच अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। मामले में आगे की स्थिति जांच और प्रशासन के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।
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