
रतलाम। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुई कथित घटना के विरोध में मध्यप्रदेश के इंटर्न चिकित्सकों ने सामूहिक रूप से नियमित चिकित्सकीय सेवाओं से विरत रहने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में रतलाम मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने भी विरोध जताया है।
इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, 8 सितंबर 2026 से नियमित चिकित्सकीय सेवाओं से सामूहिक रूप से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। डॉक्टरों ने घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और इंटर्न चिकित्सकों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है।
गांधी मेडिकल कॉलेज की घटना से इंटर्न डॉक्टर आहत
इंटर्न चिकित्सकों ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में हुई कथित घटना को गंभीर और पीड़ादायक बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि घटना के बाद प्रदेशभर के इंटर्न चिकित्सकों में चिंता और आक्रोश है। घटना में कुछ इंटर्न चिकित्सकों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
लंबे समय तक ड्यूटी कर मरीजों की सेवा करते हैं डॉक्टर
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पतालों में लंबे समय तक ड्यूटी करते हुए मरीजों की सेवा करते हैं। कई बार उन्हें 24 से 36 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद वे अपनी नींद, आराम और निजी जीवन को पीछे छोड़कर मरीजों की देखभाल में योगदान देते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की कथित घटना चिंता का विषय है और उनकी सुरक्षा एवं सम्मान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मरीजों के खिलाफ नहीं है डॉक्टरों का विरोध
इंटर्न चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध किसी मरीज या आमजन के खिलाफ नहीं है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मांग शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने से जुड़ी है।
इंटर्न डॉक्टर सम्मान, सुरक्षा, न्याय और अपने उचित अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
इंटर्न डॉक्टरों ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
इंटर्न चिकित्सकों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- गांधी मेडिकल कॉलेज की घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जाए।
- घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की जाए।
- इंटर्न डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
- डॉक्टरों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता से विचार किया जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
8 सितंबर से सामूहिक विरोध
इंटर्न चिकित्सकों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, वे अपने विरोध को लेकर सामूहिक रूप से अपनी बात प्रशासन के सामने रखते रहेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराना है।
बाइट: डॉक्टर शिवाजी श्रीवास्तव
रिपोर्ट: चैतन्य शर्मा, जिला संवाददाता, रतलाम
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