
मध्य प्रदेश में मानसून के बीच एमपी टूरिस्ट स्पॉट फुल होने लगे हैं। बारिश से मांडू, महेश्वर और पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों की खूबसूरती बढ़ने के साथ पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। मांडू में 14 से 16 अगस्त तक होटल बुक बताए जा रहे हैं। वहीं महेश्वर में सामान्य कमरे करीब 1200 रुपए से शुरू होकर हेरिटेज और लग्जरी विकल्पों में रॉयल रूम का किराया 60 हजार रुपए तक बताया जा रहा है। उज्जैन में सावन सोमवार और नागपंचमी के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
एमपी टूरिस्ट स्पॉट फुल, मांडू में तीन दिन ‘नो रूम’
बारिश के मौसम में मांडू की हरियाली और ऐतिहासिक इमारतों को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वीकेंड के कारण यहां होटल बुकिंग तेजी से बढ़ी है।
जानकारी के अनुसार 14 से 16 अगस्त तक मांडू में अधिकांश ठहरने के विकल्प बुक हैं। यहां 2 सरकारी, करीब 20 निजी होटल और 2 धर्मशालाएं हैं। कुल मिलाकर करीब 800 कमरे उपलब्ध बताए गए हैं।
मांडू में होटल का किराया 10 हजार रुपए तक
मांडू में होटल के कमरों का किराया करीब 500 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक बताया जा रहा है। वहीं धर्मशालाओं में करीब 2 हजार रुपए तक में कमरा उपलब्ध हो सकता है।
मांडू में 61 संरक्षित स्मारक हैं। इनमें जहाज महल, रानी रूपमती महल, बाज बहादुर महल, अशरफी महल, होशंग शाह का मकबरा और अन्य पर्यटन स्थल प्रमुख हैं।
उज्जैन में 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
एमपी टूरिस्ट स्पॉट फुल होने के साथ धार्मिक स्थलों पर भी भीड़ बढ़ रही है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में शनिवार और रविवार को करीब 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
सावन सोमवार और नागपंचमी के कारण श्रद्धालुओं की संख्या करीब 5 से 6 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इसके चलते शहर के कई होटलों में पहले से बुकिंग हो चुकी है।
महाकाल लोक के आसपास होटल किराया बढ़ा
उज्जैन में सामान्य दिनों में करीब 1500 रुपए में मिलने वाला कमरा वीकेंड के दौरान लगभग 2000 रुपए तक में मिलने की बात सामने आई है।
महाकाल लोक के आसपास स्थित छोटे होटल और गेस्ट हाउस में भी किराए में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बड़े होटलों में भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक टैरिफ लिया जा सकता है।
महेश्वर में 1200 से 60 हजार रुपए तक कमरे
नर्मदा किनारे बसे महेश्वर में 120 से ज्यादा होटल, होम स्टे, रिजॉर्ट, धर्मशालाएं और पर्यटन निगम के ठहरने के विकल्प मौजूद हैं।
यहां सामान्य कमरों का शुरुआती किराया करीब 1200 रुपए बताया जा रहा है, जबकि हेरिटेज और लग्जरी होटलों में रॉयल रूम का किराया 60 हजार रुपए तक पहुंच सकता है।
महेश्वर से मांडू-उज्जैन भी जा रहे पर्यटक
महेश्वर पहुंचने वाले कई पर्यटक ओंकारेश्वर, उज्जैन और मांडू को भी अपने ट्रैवल प्लान में शामिल करते हैं। यहां अहिल्याबाई होलकर की ऐतिहासिक विरासत, होलकर फोर्ट और नर्मदा घाट प्रमुख आकर्षण हैं।
पर्यटकों को वीकेंड पर परेशानी से बचने के लिए पहले से होटल बुकिंग करने की सलाह दी जा रही है।
एमपी टूरिस्ट स्पॉट फुल: नलखेड़ा में भी बढ़ी बुकिंग
आगर-मालवा के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
शहर में करीब 45 होटल बताए गए हैं। कमरों का किराया करीब 500 से 4500 रुपए तक है। वीकेंड के लिए होटल बुकिंग पहले से शुरू हो चुकी है।
ओरछा में 3 हजार से 15 हजार रुपए तक किराया
राजा राम की नगरी ओरछा में करीब 15 बड़े, 50 छोटे होटल और लगभग 20 होम स्टे बताए गए हैं। यहां कमरों का किराया करीब 3 हजार से 15 हजार रुपए तक हो सकता है।
पर्याप्त विकल्प होने के बावजूद वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पहले से बुकिंग करना सुविधाजनक हो सकता है।
दतिया में 95 प्रतिशत कमरे बुक होने का दावा
पीतांबरा माता मंदिर के कारण दतिया में भी वीकेंड पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। शहर में करीब 90 होटल और धर्मशालाएं हैं।
जानकारी के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत कमरों की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
खजुराहो में वीकेंड पर बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
खजुराहो में करीब 5 फाइव स्टार और 4 थ्री स्टार होटल सहित छोटे होटल और होम स्टे मिलाकर लगभग 200 ठहरने के विकल्प बताए गए हैं।
फाइव स्टार होटल का टैरिफ 30 हजार से 60 हजार रुपए तक हो सकता है। थ्री स्टार होटल का किराया ऑफ सीजन में करीब 5 से 7 हजार और सीजन में 10 से 12 हजार रुपए तक बताया गया है।
हालांकि अगस्त में खजुराहो का पर्यटन सीजन अपेक्षाकृत कमजोर बताया जा रहा है, लेकिन वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
एमपी टूरिस्ट स्पॉट घूमने जा रहे हैं तो पहले करें होटल बुक
मानसून, वीकेंड और धार्मिक आयोजनों के कारण मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ी है। मांडू में बारिश के मौसम के कारण होटल बुकिंग अधिक है, जबकि उज्जैन और दतिया जैसे धार्मिक शहरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से कमरों की मांग बढ़ी है।
ऐसे में एमपी टूरिस्ट स्पॉट घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए होटल या अन्य ठहरने के विकल्प की उपलब्धता और किराया पहले जांचना बेहतर रहेगा।
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