
कुनबी पटेल समाज शादी नियम के तहत अब विवाह समारोह में DJ बजाने पर वर और वधु दोनों पक्षों को 21-21 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा। श्री तिरोले कुनबी पटेल समाज ने शादी-विवाह में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्च को कम करने के लिए यह फैसला लिया है। इसके साथ ही समाज ने प्री-वेडिंग शूट और रिंग सेरेमनी पर भी रोक लगाने का निर्णय किया है।
ओंकारेश्वर में दो दिवसीय बैठक में लिया फैसला
समाज की वार्षिक कार्ययोजना को लेकर शनिवार और रविवार को ओंकारेश्वर में दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज में अनुशासन, एकता, सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

समाज के पदाधिकारियों के अनुसार इन फैसलों का उद्देश्य विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम कर सादगी को बढ़ावा देना है।
कुनबी पटेल समाज शादी नियम में DJ पर ₹21 हजार जुर्माना
कुनबी पटेल समाज शादी नियम के अनुसार अब समाज के किसी परिवार की शादी की बारात में DJ बजाया गया तो वर और वधु दोनों पक्षों पर अलग-अलग 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
यानी नियम का उल्लंघन होने पर दोनों पक्षों से कुल 42 हजार रुपए की राशि ली जाएगी। यह राशि समाज के संगठन कोष में जमा कराई जाएगी।
24 घंटे में 10 परिवारों ने DJ की बुकिंग कराई कैंसिल
समाज का दावा है कि फैसला लागू होने के 24 घंटे के भीतर ही इसका असर दिखाई देने लगा। ग्राम कोहदड़ सहित अन्य गांवों के 10 परिवारों ने शादी के लिए पहले से बुक किए गए DJ और प्री-वेडिंग शूट की बुकिंग कैंसिल करा दी।
युवा संगठन अध्यक्ष सावन पटेल के अनुसार बुकिंग कैंसिल कराने वालों में आकाश पिता कैलाश पटेल, माखन पिता दिनेश पटेल, विनय पिता नंदलाल पटेल और राजकुमार पिता राधेश्याम पटेल सहित अन्य समाजजन शामिल हैं।
प्री-वेडिंग शूट और रिंग सेरेमनी पर भी रोक
समाज ने केवल DJ पर ही प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि विवाह से जुड़े प्री-वेडिंग शूट और रिंग सेरेमनी पर भी रोक लगाने का फैसला किया है।
समाज का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से अनावश्यक खर्च बढ़ने के साथ दिखावे की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिलता है। इसलिए विवाह कार्यक्रमों को सादगीपूर्ण बनाने की दिशा में ये निर्णय लिए गए हैं।
सगाई में भी सीमित रहेंगे मेहमान
सगाई समारोह में भी मेहमानों की संख्या सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। इसमें करीबी परिवारजन और रिश्तेदारों को ही शामिल करने पर जोर रहेगा।
मंच, भोजन और दूसरी व्यवस्थाओं पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने की कोशिश की जाएगी।
गोद भराई सहित अन्य कार्यक्रमों में भी सादगी
बच्चे के जन्म के बाद होने वाली गोद भराई और पावना-पावनी जैसे आयोजनों में भी मेहमानों की संख्या सीमित रखने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य परिवारों पर सामाजिक आयोजनों के कारण पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार को कम करना है।
अंतिम यात्रा में कपड़े ले जाने की परंपरा होगी बंद
समाज ने मृत्यु के बाद होने वाली अंतिम यात्रा से जुड़ी एक परंपरा में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब अंतिम यात्रा में कपड़े ले जाने की परंपरा बंद की जाएगी।
इसके स्थान पर केवल घी, कपूर और अगरबत्ती ले जाने की व्यवस्था रहेगी। समाज का कहना है कि इसका उद्देश्य ऐसे अवसरों पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करना है।
साल में एक बार होगा समाज का धन संग्रह
समाज में धन संग्रह को लेकर भी नया नियम बनाया गया है। अब अलग-अलग अवसरों पर सालभर बार-बार धन संग्रह करने के बजाय वर्ष में केवल एक बार राशि एकत्रित की जाएगी।
पदाधिकारियों का मानना है कि इससे परिवारों पर बार-बार आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और समाज की आर्थिक व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण पर जोर

बैठक में सामाजिक आयोजनों से जुड़े नियमों के साथ समाज के विकास के लिए भी कई कार्यक्रम तय किए गए। युवाओं के लिए सितंबर में सेक्टर स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा महिला सम्मेलन, बालिका शिक्षा को लेकर कार्यशाला और किसानों के विकास से संबंधित कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
रोजगार मेलों से युवाओं को कंपनियों से जोड़ने की योजना
समाज के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेले आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है। इन मेलों के माध्यम से युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाएगी।
साथ ही युवाओं को कंपनियों और रोजगारदाताओं से जोड़ने की योजना भी तैयार की गई है।
106 गांवों में रहते हैं करीब 15 हजार परिवार
श्री तिरोले कुनबी पटेल समाज का खंडवा जिले में बड़ा सामाजिक आधार है। जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ पटेल के अनुसार जिले के 106 गांवों में समाज के करीब 15 हजार परिवार रहते हैं और समाज की आबादी करीब 80 हजार है।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य किसी परिवार पर अतिरिक्त दबाव बनाना नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से सामाजिक कार्यक्रमों को सादगीपूर्ण, अनुशासित और कम खर्चीला बनाना है।
बैठक में समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद
ओंकारेश्वर में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ पटेल, खंडवा धर्मशाला अध्यक्ष अरुण पटेल, युवा संगठन अध्यक्ष सावन पटेल, पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर पटेल, वासुदेव पटेल, शांतीलाल पटेल, आनंद राम पटेल, प्रदीप तिरोले, पारस पटेल, भगवान पटेल, मधु पटेल और धन्नालाल पटेल सहित कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
FAQ
शादी में DJ बजाने पर कितना जुर्माना लगेगा?
समाज के निर्णय के अनुसार शादी की बारात में DJ बजाने पर वर और वधु दोनों पक्षों पर 21-21 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।
क्या प्री-वेडिंग शूट पर भी रोक लगाई गई है?
हां, समाज ने प्री-वेडिंग शूट और रिंग सेरेमनी पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया है।
ये नियम किस समाज ने बनाए हैं?
ये निर्णय श्री तिरोले कुनबी पटेल समाज ने ओंकारेश्वर में आयोजित दो दिवसीय बैठक में लिए हैं।
समाज के कितने परिवार खंडवा जिले में रहते हैं?
समाज के जिलाध्यक्ष के अनुसार खंडवा जिले के 106 गांवों में करीब 15 हजार परिवार रहते हैं।
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