
बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश सातवें दिन भी जारी है। SDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें करीब 4500 फीट ऊंची पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस अब ड्रोन की मदद से उन दुर्गम स्थानों को भी खंगाल रही है, जहां रेस्क्यू टीमों का सीधे पहुंचना मुश्किल है। दूसरी तरफ मोबाइल, SIM, CDR और डिजिटल गतिविधियों की जांच भी की जा रही है।
अद्वैत उपाध्याय की तलाश में ड्रोन से खंगाली जा रही शिवगंगे पहाड़ी
बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ी का इलाका पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है। कई जगह खड़ी चट्टानें और संकरे रास्ते होने के कारण रेस्क्यू टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण फिसलन भी चुनौती बढ़ा रही है।
SDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें अलग-अलग हिस्सों में अद्वैत को तलाश रही हैं। DSP उमा रानी के साथ पुलिस की कई टीमें सर्च ऑपरेशन और जांच में जुटी हैं।
शांताला ड्रॉप के आसपास अद्वैत उपाध्याय की तलाश तेज
शांताला ड्रॉप और आसपास के क्षेत्र में विशेष रूप से तलाश की जा रही है। इसी इलाके में अद्वैत का मोबाइल और ड्रोन मिलने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले उसका बैग और स्वेटर भी इसी क्षेत्र के आसपास मिला था।
ड्रोन कैमरों की मदद से पहाड़ी के ऐसे स्थानों की निगरानी की जा रही है, जहां जमीन के रास्ते पहुंचना कठिन है।
अद्वैत उपाध्याय की तलाश के साथ CDR की जांच
रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ बेंगलुरु पुलिस ने जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। अद्वैत के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है।
पुलिस टेलीकॉम कंपनियों से यह भी जानकारी जुटा रही है कि अद्वैत के नाम पर मौजूदा SIM के अलावा कोई अन्य SIM कनेक्शन जारी हुआ था या नहीं।
6 और 7 अगस्त की कॉल डिटेल पर पुलिस का फोकस
जांच में 6 और 7 अगस्त की कॉल डिटेल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन दिनों अद्वैत ने अपनी मंगेतर के अलावा किन लोगों से संपर्क किया था।
मंगेतर, महिला मित्रों और अन्य परिचितों से हुए संपर्कों की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि लापता होने से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था।
फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को संदिग्ध नहीं बताया है और न ही किसी विवाद की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
अद्वैत का ड्रोन कब और कहां खरीदा, पुलिस जुटा रही जानकारी
अद्वैत उपाध्याय की तलाश के दौरान मिले ड्रोन को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रोन कब और कहां से खरीदा गया था तथा खरीदारी के दौरान अद्वैत के साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।
इसके लिए ड्रोन कंपनी के स्थानीय डीलर और बिक्री रिकॉर्ड से जानकारी जुटाई जा रही है। भुगतान किस माध्यम से किया गया था, इसकी जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
ड्रोन के फोटो और वीडियो की भी हो सकती है जांच
ड्रोन की तकनीकी जांच से उसकी आखिरी उड़ान के समय का पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है। इसके स्टोरेज में मौजूद फोटो या वीडियो भी घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुलिस तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर अद्वैत के लापता होने से पहले और बाद की पूरी टाइमलाइन तैयार करने का प्रयास कर रही है।
4 अगस्त की डिजिटल गतिविधियों की भी जांच
पुलिस जांच में अद्वैत की डिजिटल गतिविधियों से 4 अगस्त को भी शिवगंगे पहाड़ी से जुड़े संकेत मिलने की बात सामने आई है। वहीं गुमशुदगी की शिकायत के मुताबिक वह 7 अगस्त की सुबह ट्रेकिंग के लिए निकला था।
इसी कारण पुलिस 4 से 7 अगस्त के बीच उसकी गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है।
लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री भी जांच का हिस्सा
जानकारी के मुताबिक अद्वैत के लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में शिवगंगे पहाड़ी की ऊंचाई, शांताला ड्रॉप तक पहुंचने के रास्ते और ट्रेकिंग रूट से जुड़ी खोज मिली है।
कुछ डिजिटल सर्च ऐसी परिस्थितियों से संबंधित भी बताई गई हैं जिनमें ऊंचाई से गिरने के बाद शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी खोजी गई थी।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है, लेकिन केवल सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। इसे मोबाइल डेटा, CDR, CCTV और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा जा रहा है।
मंगेतर से हुई थी अद्वैत की आखिरी बातचीत
गुमशुदगी की शिकायत के मुताबिक 7 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे अद्वैत ने अपनी मंगेतर से फोन पर बात की थी। उसने शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग के लिए जाने की जानकारी दी थी।
इसके बाद वह वापस नहीं लौटा और उससे संपर्क भी नहीं हो पाया। 7 अगस्त की रात करीब 8 बजे व्हाइटफील्ड सब-डिवीजन के कडुगोडी पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
बाद में मामला नेलामंगला पुलिस को भेज दिया गया।
अद्वैत उपाध्याय की तलाश को लेकर परिवार चिंतित
अद्वैत परिवार का इकलौता बेटा है। उसके पिता प्रोफेसर प्रमोद उपाध्याय का वर्ष 2016 में निधन हो गया था। उसकी मां इंदौर में रहती हैं।
अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में रहकर फाइनेंस कंपनी में इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था। इससे पहले वह सॉफ्टवेयर क्षेत्र में भी काम कर चुका है।
लगातार सातवें दिन भी अद्वैत का पता नहीं चलने से परिवार और रिश्तेदार चिंतित हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने परिवार से की बात
मामले की जानकारी सामने आने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने परिवार से बात कर चिंता जताई। उन्होंने बेंगलुरु पुलिस से समन्वय को लेकर परिवार को भरोसा दिलाया।
इंदौर क्राइम ब्रांच भी बेंगलुरु पुलिस के संपर्क में बताई जा रही है। अद्वैत के इंदौर स्थित संपर्कों और अन्य जानकारियों को जांच एजेंसियों के बीच साझा किया जा रहा है।
अद्वैत उपाध्याय की तलाश और पुलिस जांच दोनों जारी
एक तरफ शिवगंगे पहाड़ी के दुर्गम हिस्सों में SDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें अद्वैत उपाध्याय की तलाश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मोबाइल, SIM, CDR, डिजिटल सर्च और ड्रोन से जुड़ी जानकारियों की जांच की जा रही है।
पुलिस सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर अद्वैत के लापता होने की पूरी टाइमलाइन समझने का प्रयास कर रही है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन और जांच दोनों जारी हैं।
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