
रतलाम में शासकीय कार्यों में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने पटवारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिले के 53 परिवीक्षाधीन पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए हैं। इससे पहले स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही के मामले में चार पटवारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। वहीं, पिपलोदा तहसील में पदस्थ परिवीक्षाधीन पटवारी रजनीश राज रैगा को भी सेवा से पृथक कर दिया गया है। इसके अलावा रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों से जुड़े मामलों में तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है।
53 पटवारियों को मिला सुधार का अंतिम मौका
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सैलाना तहसील के 16, आलोट के 22 और जावरा के 15 परिवीक्षाधीन पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए हैं। इन सभी को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करने का अवसर दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, संबंधित पटवारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने शासकीय दायित्वों को गंभीरता से निभाएं, कार्यों में सामने आई कमियों को दूर करें और आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराएं। चेतावनी के बाद भी लापरवाही जारी रहने पर उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवा केवल कर्मचारी के रोजगार और परिवार की आजीविका से ही नहीं जुड़ी होती, बल्कि आम जनता की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी भी इससे संबंधित होती है। नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए शासकीय कर्मचारियों पर निर्भर रहते हैं।
अब तक पांच पटवारियों की सेवाएं समाप्त
रतलाम जिले में स्वामित्व योजना के कार्यों में लापरवाही के आधार पर पहले चार परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। इसके बाद पिपलोदा तहसील में पदस्थ परिवीक्षाधीन पटवारी रजनीश राज रैगा पर भी कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर ने रैगा की परिवीक्षा समाप्त कर उन्हें शासकीय सेवा से पृथक कर दिया। उनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी। इस तरह खबर में बताए गए मामलों के अनुसार, कुल पांच पटवारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।
पटवारियों की हड़ताल के बीच प्रशासन की कार्रवाई
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के कार्यों में निष्पादक यानी एग्जीक्यूटर की भूमिका से हटाने की मांग को लेकर पटवारी काम बंद कर हड़ताल कर रहे हैं। प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर रतलाम जिले में भी पटवारी हड़ताल पर हैं।
इसी बीच सेवा समाप्ति की कार्रवाई के विरोध में पटवारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में करीब पांच घंटे तक धरना दिया था। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई थी।
धरने के बाद रात मे कलेक्टर ने 12 पटवारियों को आरोप पत्र जारी किए । अब जिले की तीन तहसीलों के 53 परिवीक्षाधीन पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं।
रिश्वत के आरोप में तीन पटवारी निलंबित
रतलाम जिले में रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पटवारी रमेश बैरागी, प्रभुकुमार गरवाल और प्रवीण कुमार जैन को निलंबित कर दिया है।
बताया गया है कि लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की ट्रैप कार्रवाई के बाद तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए थे। अभियोजन की स्वीकृति देने के बाद कलेक्टर ने निलंबन की कार्रवाई की।
रमेश बैरागी पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
पटवारी रमेश बैरागी पर ग्राम पंचेड़ में सीमांकन रिपोर्ट देने के बदले 50 हजार रुपये मांगने और 40 हजार रुपये लेने का आरोप है। इस मामले में दर्ज प्रकरण के आधार पर प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।
प्रभुकुमार गरवाल पर 4 हजार रुपये मांगने का आरोप
पटवारी प्रभुकुमार गरवाल पर ग्राम किटखेड़ी में सीमांकन रिपोर्ट और पंचनामा उपलब्ध कराने के बदले 4 हजार रुपये मांगने का आरोप है। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने 14 मई 2025 को ट्रैप कार्रवाई की थी।
प्रवीण कुमार जैन पर 6 हजार रुपये मांगने का आरोप
पटवारी प्रवीण कुमार जैन पर ग्राम बामनखेड़ी की जमीन के डायवर्जन संबंधी कार्य के लिए 6 हजार रुपये मांगने का आरोप है। इस प्रकरण में भी प्रशासन ने उन्हें निलंबित किया है। इन मामलों में आरोपों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर बोले- शासकीय काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा कि सरकारी नौकरी प्राप्त करना कठिन होता है और इससे कर्मचारी तथा उसके परिवार की कई उम्मीदें जुड़ी होती हैं। हालांकि, शासकीय सेवा के साथ जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाने और शासन के निर्देशों का पालन करने का दायित्व भी जुड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि शासन के आदेशों की अवहेलना और सौंपे गए कार्यों में लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता। परिवीक्षा अवधि कर्मचारियों के लिए अपनी कार्यक्षमता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा साबित करने का अवसर होती है।
कलेक्टर के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी परिवीक्षा अवधि में ही अपने दायित्वों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाता और मनमाने तरीके से काम करता है, तो उसकी सेवा जारी रखने के संबंध में निर्णय लेना आवश्यक हो जाता है। इसी कारण प्रशासन द्वारा शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई की जा रही है।
रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के निर्देश
कलेक्टर कटेसरिया ने जिले में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेवा से पृथक किए गए पटवारियों के कारण रिक्त हुए पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के पात्र आवेदकों को नियमों के अनुसार नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
प्रशासन का उद्देश्य पात्र आश्रित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ रिक्त पदों पर आवश्यक शासकीय सेवाएं सुनिश्चित करना है। जिले में पटवारियों की हड़ताल, लंबित राजस्व कार्यों और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137
